चल छैयां छैयां छैयां..... देखा ही होगा आपने कभी न कभी इस गाने के वीडियो को। एक छुक छुक करती ट्रेन पर इसकी थिरकाने वाली धुन कुछ बरसों पहले सभी के जुबाँ पर सुनाई पड़ती थी। जी हाँ मैं बात कर रहा हूँ ऊटी के नीलगिरि माउंटेन रेलवे या यूँ कहे ऊटी के टॉय ट्रेन की, जो ऊटी से कन्नूर होते हुए मेट्टुपलायम तक सैकड़ों वलयों, पुलों और गुफाओं से गुजरती हुई पहुँचती है। कन्नूर जाने के क्रम में मैंने भी इसी ऐतिहासिक टॉय ट्रेन वाले मार्ग को ही चुना। उदगमंडलम रेलवे स्टेशन 2004 में आये सुनामी के बाद पुनर्जीवित एक एकांत तट में कुछ पल (Chotavilai Beach, Tamilnadu) भारत का अंतिम छोर और वो टापूनुमा विवेकानंद रॉक (Kanyakumari, India) नीलगिरि माउंटेन रेलवे, ऊटी (Nilgiri Mountain Railway: Ooty to Coonoor) ये हंसी वादियाँ आ गए हम कहाँ- ऊटी (Romance of Ooty) इस ऐतिहासिक ट्रेन की शुरुआत सन 1908 अंग्रेजों द्वारा की गई, इनमे से कुछ तो आज भी भाप इंजन से ही चल रहे हैं। टॉय ट्रेन का सफर करने के लिए या तो आप ऑनलाइन IRCTC से टिकट बुक कर सकते हैं या फिर काउंटर पर ही जनरल टिकट ले सकते ह...
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