विश्वप्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय के बारे तो आपने सुना ही होगा। आज से लगभग पंद्रह सौ साल पहले यह पूरी दुनिया के लिए उच्च शिक्षा का सिरमौर था, जहाँ सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि चीन, जापान, बर्मा, कोरिया, तिब्बत, फारस आदि देशों से भी विद्यार्थी पढने के लिए आते थे। इस महान विश्वविद्यालय के भग्नावशेष इसके वैभव का अहसास करा देते हैं। आईये जानते हैं - नालंदा विश्वविद्यालय के स्वर्णिम अतीत के बारे ! बोध गया: एक एतिहासिक विरासत (Bodh Gaya, Bihar) दशरथ मांझी: पर्वत से भी ऊँचे एक पुरुष की कहानी (Dashrath Manjhi: The Mountain Man) मगध की पहली राजधानी- राजगीर से कुछ पन्ने और स्वर्ण भंडार का रहस्य (Rajgir, Bihar) नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष: एक स्वर्णिम अतीत (Ruins of Nalanda University) कुम्भरार: पाटलिपुत्र के भग्नावशेष (Kumbhrar: The Ruins of Patliputra) ...
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