कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक तथा कुछ अन्य समीपवर्ती समुद्र तटों व स्मारकों से दो चार होने के दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत के जरिये ही एक ऐसे तट का नाम सुन रखा था जो मुख्य शहर से थोडा सा बाहर है, किन्तु बिलकुल शांत और अपने आप में इतना अनोखा की प्रचलित समुद्री किनारों की चमक भी फीकी पड़ जाय ! साथ ही चार किलोमीटर तक फैले कारण यह तमिलनाडु के सबसे लम्बे तटों में से भी एक है। अगले दिन की शाम हमें नागरकोइल होते हुए बैंगलोर की ओर प्रस्थान करना था, इसीलिए सुबह के बचे हुए खाली वक़्त को यूँ ही ट्रेन के इंतज़ार में बर्बाद होने नहीं दिया और निकल पड़े उस अनूठे तट की ओर! छोठाभिलाई या सोथाभिलाई तट की पहली झलक कन्याकुमारी से मात्र दस-बारह किमी 2004 में आये सुनामी के बाद पुनर्जीवित एक एकांत तट में कुछ पल (Chotavilai Beach, Tamilnadu) भारत का अंतिम छोर और वो टापूनुमा विवेकानंद रॉक (Kanyakumari, India) नीलगिरि माउंटेन रेलवे, ऊटी (Nilgiri Mountain Railway: Ooty to Coonoor) ये हंसी वादियाँ आ गए हम कहाँ- ऊटी (Romance of Ooty) पर ही है छोठाभिलाई या सोथा...
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