Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Odhisa

A Brief Guide to Puri, Konark, Bhubaneshwar and Chilika Lake

In 2011, I met with the western part of India, i.e., Mumbai and Goa. So, in January 2012, I decided to explore the eastern side. So, Puri was the most eligible place. Puri is just 8 hrs train journey away from my city Jamshedpur (Tatanagar). Puri has a lot to be explored. Within the city, the golden beaches are the worth visit. But, apart from beaches, Puri is a famous pilgrimage center, one of the Char Dhaam . The Jagannath Temple is the center of attraction, however, there are a lot of other temples. My 10 Days Itinerary for Andman Trip How to Plan Andman Nicobar Trip Bodh Gaya: The top reason to visit Bihar The golden triangle Puri-Konark-Bhubaneshwar needs a whole day to complete. You can either catch a regular tourist bus or hire a full day taxi . The full circuit is about 150 km long including Konark, Dhouli Giri, Udaygiri & Khandgiri, Lingaraj Temple and finally the Nandan-Kanan park. The Chilika Lake is another attraction but 55 km far from the city. It’s the largest bra...

पुरी, कोणार्क और भुबनेश्वर की एकदिवसीय त्रिकोणीय यात्रा (Puri, Konark and Bhubaneshwar)

भारत के पूर्वी घाटों में पुरी अपने सुनहरे समुद्रतटों और मंदिरों के लिए सुविख्यात है, साथ ही साथ कोणार्क का विश्वविख्यात सूर्य मंदिर और भुबनेश्वर का लिंगराज मंदिर - ये दोनों मिलकर पुरी के साथ एक त्रिभुजाकार पर्यटन पथ का निर्माण करते हैं। पुरी का जगन्नाथ मंदिर तो काफी प्रसिद्ध है ही, साथ ही इससे सम्बंधित यहाँ और भी अनेक मंदिर हैं। पुरी के मुख्य सड़क में रथ मेले में लोगों की अपार भीड़ लगती है। इस त्रिकोणीय यात्रा के लिए पूरी से ही रोजाना टूरिस्ट बसें चलती हैं, जो प्रातः सात बजे निकलकर सबसे पहले चन्द्रभागा, कोणार्क, धौलगिरी, उदयगिरि-खण्डगिरि की गुफाएं, भुबनेश्वर का लिंगराज मंदिर तथा अंत में नंदन कानन अभ्यारण्य  से होते हुए शाम के सात बजे वापस लौटती हैं। सस्ती और आसान यात्रा के लिए ये बसें सबसे ज्यादा उपयुक्त हैं।    आज के इस पोस्ट में इसी एक दिवसीय यात्रा के बारे बताने जा रहा हूँ।  पुरी के समुद्रतट एक सुनहरी छटा प्रस्तुत करते हैं। जहाँ पश्चिमी घाट पर स्थित गोवा में मुझे लगा की वहां के तट चाँदी जैसे चमकते हैं, वहीं पुरी के तट थोड़ी ला...

चिल्का में चिलकारी: जब झील गया समंदर में मिल (Chilka Lake)

बहुत से पर्यटक पुरी आते हैं पर चिल्का नहीं आकर यहाँ के रोमांच से वंचित रह जाते हैं। मेरा मन तो पुरी जाने से पहले ही चिल्का की गहराई में डुबकी लगा रहा था। पुरी के मंदिरों में घूमने के बाद हमारा अगला पड़ाव था झीलो की रानी चिल्का में। पुरी से मात्र 55 किलोमीटर की दुरी हमने ऑटो से तय की और पहुँच गए खारे  पानी के सबसे बड़े झील में। रास्ते में अनेक छोटे बड़े जलाशय हमारा स्वागत कर रहे थे। पशु पछियों की चिल्कारियाँ कानो में गूँज रही थी। ज्यो ही हमने आस पास नजर दौड़ाया, पाया की झील में नौका विहार करने की उत्तम व्यवस्था है। आस पास जलपान आदि के लिए रेस्टॉरेन्ट उपलब्ध थे जहाँ समुद्री भोजन का मजा भी आप उठा सकते हैं। अनेक मोटर चालित नौकाएं झील में तय की जाने वाले दुरी के अनुसार अलग अलग दरों पर उपलब्ध थे। हमने भी एक नौका सोलह सौ रूपये में दो घंटे के लिए बुक करवाया।    सुबह के करीब ग्यारह बजे हम नौका में बैठ गए। ऐसा लगा मानो आज झील के रास्ते हम सागर से ही मिलने जा रहे हैं। पक्षियों की कलरव कानो में मधु घोल रही थी। धीरे धीरे हमारा सफ़र आगे बढ़ता चला गया। जैसे जैसे आगे बढ़ते गए नए नए...

पुरी के समुद्री आहार (Puri Sea Food)

मेरी राय में इस दुनिया में मजा सिर्फ दो ही चीजो में है एक घूमना और दूसरा खाना। तो क्यों ना हम घूमने के साथ साथ खाने पे भी चर्चा करे। क्या आप इस चित्र को गौर से देख रहे हैं? अगर आप मछली खाने के शौकीन हैं तो विभिन्न प्रकार की समुद्री मछलियाँ आपको बहुत पसंद आएँगी यह नजारा पुरी के समुद्र तट का है जहाँ आपको हर