बैंकाक से पटाया तय करने और होटल तक पहुंचने में ही आधा दिन निकलने के बाद उस दिन बची थी सिर्फ शाम। सुना था कि पटाया कभी न सोने वाला एक शहर है, जहां रात भर चकाचौंध रहती है, गाड़ियाँ, टुकटुक...का रात भर सड़कों पर दौड़ना, रातभर होटलों के रिसेप्शन काउंटर का खुला रहना...डिस्को...पार्टी...इन सबके लिए पटाया को जाना जाता है।
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